श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 61: वानरों का मधुवन में जाकर वहाँ के मधु एवं फलों का मनमाना उपभोग करना और वनरक्षक को घसीटना  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  5.61.11 
ततस्ते वानरा हृष्टा दृष्ट्वा मधुवनं महत्।
कुमारमभ्ययाचन्त मधूनि मधुपिङ्गला:॥ ११॥
 
 
अनुवाद
तब हर्ष से भरे हुए और मधु के समान गुलाबी रंग वाले उन वानरों ने उस महान मधुवन को देखकर कुमार अंगद से मधुपान करने की अनुमति मांगी॥11॥
 
Then those monkeys, filled with joy and having pinkish complexion like honey, seeing that great honey forest, asked permission from Kumar Angada to drink honey. 11॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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