श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 61: वानरों का मधुवन में जाकर वहाँ के मधु एवं फलों का मनमाना उपभोग करना और वनरक्षक को घसीटना  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  5.61.1 
ततो जाम्बवतो वाक्यमगृह्णन्त वनौकस:।
अङ्गदप्रमुखा वीरा हनूमांश्च महाकपि:॥ १॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् अंगद आदि सभी वीर वानरों और महाबली हनुमान्‌ ने भी जाम्बवान्‌ की बात मान ली॥1॥
 
Thereafter, all the brave monkeys like Angad and the great monkey Hanuman also accepted the words of Jambavan. 1॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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