Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.60.14: अंगद का ऐसा निश्चय सुनकर वानरों और भालुओं में श्रेष्ठ और तत्त्व के ज्ञाता जाम्बवान् अत्यंत प्रसन्न हुए और यह अर्थपूर्ण बात कही-॥14॥ | ramayan सर्ग 5.60: अङ्गद का लङ्का को जीतकर सीता को ले आने का उत्साहपूर्ण विचार और जाम्बवान् के द्वारा उसका निवारण । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अंगद का ऐसा निश्चय सुनकर वानरों और भालुओं में श्रेष्ठ और तत्त्व के ज्ञाता जाम्बवान् अत्यंत प्रसन्न हुए और यह अर्थपूर्ण बात कही-॥14॥
Hearing such a resolution of Angad, Jambavan, the best amongst the monkeys and bears and the expert of the essence, became very happy and said this meaningful thing -॥ 14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥