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ramayan 5.6.8: वहाँ हजारों प्रकार के पशु-पक्षी, जो सब प्रकार के बड़े-बड़े और अत्यंत सुन्दर थे, सर्वत्र पाए जाते थे ॥8॥   |   ramayan सर्ग 5.6: हनुमान जी का रावण तथा अन्यान्य राक्षसों के घरों में सीताजी की खोज करना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.6.8 
दृश्यैश्च परमोदारैस्तैस्तैश्च मृगपक्षिभि:।
विविधैर्बहुसाहस्रै: परिपूर्णं समन्तत:॥ ८॥
 
 
अनुवाद
वहाँ हजारों प्रकार के पशु-पक्षी, जो सब प्रकार के बड़े-बड़े और अत्यंत सुन्दर थे, सर्वत्र पाए जाते थे ॥8॥
 
Thousands of animals and birds of various kinds, all spectacular and extremely beautiful, were found everywhere there. ॥ 8॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)