Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.6.32-34h: वहाँ उत्तम नस्ल के सुन्दर हाथी भी थे, जो शत्रु सेना के हाथियों का संहार करते थे। वे सभी हाथी-विद्या में पारंगत थे, युद्ध में ऐरावत के समान पराक्रमी थे और शत्रु सेनाओं का संहार करने में समर्थ थे। वे बरसते हुए बादलों के समान मदमस्त होकर और बहते हुए पर्वतों के समान झरनों से बह रहे थे। उनकी गर्जना बादलों की गर्जना के समान थी। युद्धभूमि में शत्रुओं के लिए वे अजेय थे। हनुमान जी ने उन सभी को रावण के महल में देखा। | ramayan सर्ग 5.6: हनुमान जी का रावण तथा अन्यान्य राक्षसों के घरों में सीताजी की खोज करना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वहाँ उत्तम नस्ल के सुन्दर हाथी भी थे, जो शत्रु सेना के हाथियों का संहार करते थे। वे सभी हाथी-विद्या में पारंगत थे, युद्ध में ऐरावत के समान पराक्रमी थे और शत्रु सेनाओं का संहार करने में समर्थ थे। वे बरसते हुए बादलों के समान मदमस्त होकर और बहते हुए पर्वतों के समान झरनों से बह रहे थे। उनकी गर्जना बादलों की गर्जना के समान थी। युद्धभूमि में शत्रुओं के लिए वे अजेय थे। हनुमान जी ने उन सभी को रावण के महल में देखा।
There were also beautiful elephants of good breed, who used to kill the elephants of the enemy army. All of them were well trained in elephant training, were as valiant as Airavat in war and were capable of destroying the enemy armies. They were flowing with intoxication like raining clouds and waterfalls like flowing mountains. Their roar was like the roar of clouds. They were invincible for the enemies in the battle field. Hanuman ji saw them all in Ravana's palace.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥