vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
»
काण्ड 5: सुन्दर काण्ड
»
सर्ग 6: हनुमान जी का रावण तथा अन्यान्य राक्षसों के घरों में सीताजी की खोज करना
»
श्लोक 30
श्लोक
5.6.30
शूलमुद्गरहस्तांश्च शक्तितोमरधारिण:।
ददर्श विविधान्गुल्मांस्तस्य रक्ष:पतेर्गृहे॥ ३०॥
अनुवाद
साथ ही उन्होंने दैत्यराज के घर में राक्षसों के बहुत से समूह देखे, जिनके हाथों में शूल, मुद्गर, शक्ति और तोमर आदि अस्त्र-शस्त्र थे ॥30॥
Also, they saw many groups of demons in the house of the demon king, who had weapons like Shoola, Mudgar, Shakti and Tomar etc. in their hands. 30॥
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas