श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 6: हनुमान जी का रावण तथा अन्यान्य राक्षसों के घरों में सीताजी की खोज करना  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  5.6.21 
तथा चेन्द्रजितो वेश्म जगाम हरियूथप:।
जम्बुमाले: सुमालेश्च जगाम हरिसत्तम:॥ २१॥
 
 
अनुवाद
इसके बाद वे वानरों के परम मित्र इन्द्रजित् के घर गए और वहाँ से जम्बुमाली और सुमाली के घर पहुँचे ॥21॥
 
After this, they went to the house of Indrajit, the best friend of monkeys and from there they reached the house of Jambumali and Sumali. 21॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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