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श्लोक  5.6.14 
महारत्नसमाकीर्णं ददर्श स महाकपि:।
विराजमानं वपुषा गजाश्वरथसंकुलम्॥ १४॥
 
 
अनुवाद
वह हाथी, घोड़े और रथों से भरा हुआ था और महान रत्नों से जड़ा होने के कारण अपनी सुंदरता से चमक रहा था। महाकवि हनुमान ने उसे देखा।
 
It was filled with elephants, horses and chariots and was shining with its own beauty because it was filled with great gems. The great ape Hanuman saw it.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)