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श्लोक  5.6.13 
समुद्रमिव गम्भीरं समुद्रसमनि:स्वनम्।
महात्मनो महद् वेश्म महारत्नपरिच्छदम्॥ १३॥
 
 
अनुवाद
वह समुद्र के समान गम्भीर और समुद्र के समान ही शोरगुल वाला था। महाबुद्धिमान रावण का वह विशाल महल बड़े-बड़े रत्नजटित आभूषणों से सुशोभित था।
 
It was as deep as the ocean and as noisy as the ocean. That huge palace of the great-minded Ravana was adorned with great jeweled ornaments.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)