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ramayan 5.59.6: मैंने इस कार्य में अपनी सफलता का वृत्तांत आप सब को बता दिया है। अब जाम्बवान सहित समस्त वानरों की अनुमति लेकर यह उचित प्रतीत होता है कि हम लोग सीता सहित श्री राम और लक्ष्मण के दर्शन करने चलें।॥6॥   |   ramayan सर्ग 5.59: हनुमान जी का सीता की दुरवस्था बताकर वानरों को लङ्का पर आक्रमण करने के लिये उत्तेजित करना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 59: हनुमान जी का सीता की दुरवस्था बताकर वानरों को लङ्का पर आक्रमण करने के लिये उत्तेजित करना  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  5.59.6 
जाम्बवत्प्रमुखान् सर्वाननुज्ञाप्य महाकपीन्।
अस्मिन् नेवंगते कार्ये भवतां च निवेदिते।
न्याय्यं स्म सह वैदेह्या द्रष्टुं तौ पार्थिवात्मजौ॥ ६॥
 
 
अनुवाद
मैंने इस कार्य में अपनी सफलता का वृत्तांत आप सब को बता दिया है। अब जाम्बवान सहित समस्त वानरों की अनुमति लेकर यह उचित प्रतीत होता है कि हम लोग सीता सहित श्री राम और लक्ष्मण के दर्शन करने चलें।॥6॥
 
I have told you all about my success in this task. Now, after taking the consent of all the great apes including Jambavan, it seems fair that we should go and see Shri Ram and Lakshman along with Sita.॥ 6॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)