Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.59.31: 'देवी सीता स्वभाव से ही दुबली-पतली हैं और भगवान राम के वियोग में और भी दुर्बल हो गई हैं। जिस प्रकार प्रतिपदा के दिन स्वयं अध्ययन करने वाले विद्यार्थी का ज्ञान क्षीण हो जाता है, उसी प्रकार उनका शरीर भी अत्यंत दुर्बल हो गया है॥ 31॥ | ramayan सर्ग 5.59: हनुमान जी का सीता की दुरवस्था बताकर वानरों को लङ्का पर आक्रमण करने के लिये उत्तेजित करना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'देवी सीता स्वभाव से ही दुबली-पतली हैं और भगवान राम के वियोग में और भी दुर्बल हो गई हैं। जिस प्रकार प्रतिपदा के दिन स्वयं अध्ययन करने वाले विद्यार्थी का ज्ञान क्षीण हो जाता है, उसी प्रकार उनका शरीर भी अत्यंत दुर्बल हो गया है॥ 31॥
‘Goddess Sita is thin by nature and has become even more emaciated due to the separation from Lord Rama. Just as the knowledge of a student who studies on his own on the Pratipada day diminishes, in the same way her body has also become extremely weak.॥ 31॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥