Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.59.30: चूँकि सीता स्वयं रावण का वध नहीं करतीं, अतः ऐसा प्रतीत होता है कि दशमुख वाला रावण कोई महात्मा है। आध्यात्मिक शक्ति से संपन्न होने के कारण वह शाप से रहित है (यद्यपि सीताहरण के पाप के कारण उसका नाश होने वाला है)। श्री रामचंद्रजी उसके वध में केवल माध्यम होंगे॥30॥ | ramayan सर्ग 5.59: हनुमान जी का सीता की दुरवस्था बताकर वानरों को लङ्का पर आक्रमण करने के लिये उत्तेजित करना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यन्न हन्ति दशग्रीवं स महात्मा दशानन:।
निमित्तमात्रं रामस्तु वधे तस्य भविष्यति॥ ३०॥
अनुवाद
चूँकि सीता स्वयं रावण का वध नहीं करतीं, अतः ऐसा प्रतीत होता है कि दशमुख वाला रावण कोई महात्मा है। आध्यात्मिक शक्ति से संपन्न होने के कारण वह शाप से रहित है (यद्यपि सीताहरण के पाप के कारण उसका नाश होने वाला है)। श्री रामचंद्रजी उसके वध में केवल माध्यम होंगे॥30॥
‘Since Sita herself does not kill Ravana, it appears that the ten-headed Ravana is a great soul. Being endowed with spiritual power, he is incapable of being cursed (even though he is about to perish due to the sin of kidnapping Sita). Shri Ramchandraji will be only a medium in his killing.॥ 30॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥