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ramayan 5.59.14: वालि का वीर पुत्र, कपिश्रेष्ठ अंगद ही समस्त दैत्यों तथा उनके पितरों को यमलोक भेजने के लिए पर्याप्त है॥14॥   |   ramayan सर्ग 5.59: हनुमान जी का सीता की दुरवस्था बताकर वानरों को लङ्का पर आक्रमण करने के लिये उत्तेजित करना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.59.14 
सर्वराक्षससङ्घानां राक्षसा ये च पूर्वजा:।
अलमेकोऽपि नाशाय वीरो वालिसुत: कपि:॥ १४॥
 
 
अनुवाद
वालि का वीर पुत्र, कपिश्रेष्ठ अंगद ही समस्त दैत्यों तथा उनके पितरों को यमलोक भेजने के लिए पर्याप्त है॥14॥
 
Vāli's brave son, the best of the Kapis, Angada alone is sufficient to send all the demons and their forefathers to Yamaloka.॥ 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)