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ramayan 5.58.87-88h: आज ही मैंने एक बहुत ही भयानक और डरावना स्वप्न देखा है; यह राक्षसों के विनाश और सीता देवी के पति की विजय का संकेत देता है।   |   ramayan सर्ग 5.58: जाम्बवान् के पूछने पर हनुमान जी का अपनी लङ्का यात्रा का सारा वृत्तान्त सुनाना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.58.87-88h 
स्वप्नो ह्यद्य मया दृष्टो दारुणो रोमहर्षण:॥ ८७॥
रक्षसां च विनाशाय भर्तुरस्या जयाय च।
 
 
अनुवाद
आज ही मैंने एक बहुत ही भयानक और डरावना स्वप्न देखा है; यह राक्षसों के विनाश और सीता देवी के पति की विजय का संकेत देता है।
 
Just today I have had a very terrifying and terrifying dream; it indicates the destruction of the demons and the victory of the husband of Sita Devi.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)