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ramayan 5.58.26: वहाँ दुष्ट बुद्धि वाले रावण ने उनकी पत्नी सीता का हरण कर लिया है। इस समय श्री रामचन्द्रजी की आज्ञा से मैं दूत बनकर उन्हीं सीतादेवी के पास जा रहा हूँ॥ 26॥   |   ramayan सर्ग 5.58: जाम्बवान् के पूछने पर हनुमान जी का अपनी लङ्का यात्रा का सारा वृत्तान्त सुनाना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.58.26 
तस्य सीता हृता भार्या रावणेन दुरात्मना।
तस्या: सकाशं दूतोऽहं गमिष्ये रामशासनात्॥ २६॥
 
 
अनुवाद
वहाँ दुष्ट बुद्धि वाले रावण ने उनकी पत्नी सीता का हरण कर लिया है। इस समय श्री रामचन्द्रजी की आज्ञा से मैं दूत बनकर उन्हीं सीतादेवी के पास जा रहा हूँ॥ 26॥
 
There the evil-minded Ravana abducted his wife Sita. At this moment, by the order of Shri Ramachandraji, I am going to that very Sita Devi as a messenger.॥ 26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)