Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 5.58.169: मैंने वहाँ यह सब कार्य विधिपूर्वक पूरा कर लिया है। जो कार्य नहीं हुआ है अथवा जो शेष है, उसे आप लोग पूरा करने की कृपा करें।॥169॥   |   ramayan सर्ग 5.58: जाम्बवान् के पूछने पर हनुमान जी का अपनी लङ्का यात्रा का सारा वृत्तान्त सुनाना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 58: जाम्बवान् के पूछने पर हनुमान जी का अपनी लङ्का यात्रा का सारा वृत्तान्त सुनाना  »  श्लोक 169
 
 
श्लोक  5.58.169 
एतत् सर्वं मया तत्र यथावदुपपादितम्।
तत्र यन्न कृतं शेषं तत् सर्वं क्रियतामिति॥ १६९॥
 
 
अनुवाद
मैंने वहाँ यह सब कार्य विधिपूर्वक पूरा कर लिया है। जो कार्य नहीं हुआ है अथवा जो शेष है, उसे आप लोग पूरा करने की कृपा करें।॥169॥
 
I have completed all this work there in a proper manner. Whatever work has not been done or which is remaining, you all please complete it.'॥ 169॥
 
इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीये आदिकाव्ये सुन्दरकाण्डे अष्टपञ्चाश: सर्ग:॥ ५८॥
इस प्रकार श्रीवाल्मीकिनिर्मित आर्षरामायण आदिकाव्यके सुन्दरकाण्डमें अट्ठावनवाँ सर्ग पूरा हुआ॥ ५८॥
 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)