Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.58.164-165h: मेरा हृदय हर्ष से भर गया, क्योंकि मुझे विश्वास था कि सीता उन शुभ शकुनों से, जिनका फल मैं पहले ही भोग चुका हूँ, तथा उन महान शकुनों, महान पुण्यों से, तथा उन चारणों से जो मैंने प्रत्यक्ष देखा था, उनसे भी सुरक्षित है।॥164 1/2॥ | ramayan सर्ग 5.58: जाम्बवान् के पूछने पर हनुमान जी का अपनी लङ्का यात्रा का सारा वृत्तान्त सुनाना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मेरा हृदय हर्ष से भर गया, क्योंकि मुझे विश्वास था कि सीता उन शुभ शकुनों से, जिनका फल मैं पहले ही भोग चुका हूँ, तथा उन महान शकुनों, महान पुण्यों से, तथा उन चारणों से जो मैंने प्रत्यक्ष देखा था, उनसे भी सुरक्षित है।॥164 1/2॥
My heart was filled with joy, believing that Sita was safe from the good omens, the results of which I had already experienced, and also from the great omens, the great virtuous causes, and also from what I had seen directly from the sages (charans).॥ 164 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥