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ramayan 5.58.144: ऐसा कौन वीर है जो वानरों की इस शक्ति से परिचित न हो? ये वही वानर हैं जो युद्ध के लिए बुलाए जाने पर देवताओं के पास सहायता मांगने जाते हैं॥144॥   |   ramayan सर्ग 5.58: जाम्बवान् के पूछने पर हनुमान जी का अपनी लङ्का यात्रा का सारा वृत्तान्त सुनाना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.58.144 
वानराणां प्रभावोऽयं न केन विदित: पुरा।
देवतानां सकाशं च ये गच्छन्ति निमन्त्रिता:॥ १४४॥
 
 
अनुवाद
ऐसा कौन वीर है जो वानरों की इस शक्ति से परिचित न हो? ये वही वानर हैं जो युद्ध के लिए बुलाए जाने पर देवताओं के पास सहायता मांगने जाते हैं॥144॥
 
Who is such a brave person who is not aware of this power of monkeys? These are the same monkeys who, when invited for war, go to the gods to seek their help.'॥ 144॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)