Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 5.58.140: भगवान् रामजी ने लक्ष्मणजी के साथ अग्निदेव को साक्षी रखकर सुग्रीव (अर्थात् मुझसे) मित्रता की, जिसका राज्य बालि ने छीन लिया था॥140॥   |   ramayan सर्ग 5.58: जाम्बवान् के पूछने पर हनुमान जी का अपनी लङ्का यात्रा का सारा वृत्तान्त सुनाना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 58: जाम्बवान् के पूछने पर हनुमान जी का अपनी लङ्का यात्रा का सारा वृत्तान्त सुनाना  »  श्लोक 140
 
 
श्लोक  5.58.140 
वालिना हृतराज्येन सुग्रीवेण सह प्रभु:।
चक्रेऽग्निसाक्षिकं सख्यं राघव: सहलक्ष्मण:॥ १४०॥
 
 
अनुवाद
भगवान् रामजी ने लक्ष्मणजी के साथ अग्निदेव को साक्षी रखकर सुग्रीव (अर्थात् मुझसे) मित्रता की, जिसका राज्य बालि ने छीन लिया था॥140॥
 
Lord Rama along with Lakshmana made friendship with Sugreeva (i.e. me) whose kingdom was usurped by Vali, with Agni as witness.॥ 140॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)