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ramayan 5.58.124-125h: ‘मैंने उन सबको सेनासहित मार डाला।’ तब दशमुख रावण ने अपने महाबली पुत्र अक्षकुमार को बहुत से राक्षसों से युद्ध करने के लिए भेजा।॥124 1/2॥   |   ramayan सर्ग 5.58: जाम्बवान् के पूछने पर हनुमान जी का अपनी लङ्का यात्रा का सारा वृत्तान्त सुनाना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 58: जाम्बवान् के पूछने पर हनुमान जी का अपनी लङ्का यात्रा का सारा वृत्तान्त सुनाना  »  श्लोक 124-125h
 
 
श्लोक  5.58.124-125h 
तानहं सहसैन्यान् वै सर्वानेवाभ्यसूदयम्।
तत: पुनर्दशग्रीव: पुत्रमक्षं महाबलम्॥ १२४॥
बहुभी राक्षसै: सार्धं प्रेषयामास संयुगे।
 
 
अनुवाद
‘मैंने उन सबको सेनासहित मार डाला।’ तब दशमुख रावण ने अपने महाबली पुत्र अक्षकुमार को बहुत से राक्षसों से युद्ध करने के लिए भेजा।॥124 1/2॥
 
‘I killed them all along with their army. Then Dashmukh Ravana sent his mighty son Akshkumar to fight against a large number of demons.॥ 124 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)