Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.58.102: फिर मैंने सिर झुकाकर पतिव्रता एवं धर्मपरायण देवी आर्या सीता को प्रणाम किया और उनसे कोई ऐसा परिचय माँगा जिससे श्री रघुनाथजी का मन प्रसन्न हो। | ramayan सर्ग 5.58: जाम्बवान् के पूछने पर हनुमान जी का अपनी लङ्का यात्रा का सारा वृत्तान्त सुनाना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
फिर मैंने सिर झुकाकर पतिव्रता एवं धर्मपरायण देवी आर्या सीता को प्रणाम किया और उनसे कोई ऐसा परिचय माँगा जिससे श्री रघुनाथजी का मन प्रसन्न हो।
Then I bowed my head and saluted the chaste and virtuous Goddess Arya Sita and asked for some identification that would bring joy to the mind of Sri Raghunathji.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥