Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.57.9: अनेक प्रकार के बादलों के बीच से गुजरते समय श्वेत वस्त्रधारी वीर हनुमानजी का शरीर कभी दिखाई देता था, कभी अदृश्य; इस प्रकार वे आकाश में बादलों के पीछे छिपकर चमकते हुए चन्द्रमा के समान प्रतीत होते थे। | ramayan सर्ग 5.57: हनुमान जी का समद्र को लाँघकर जाम्बवान् और अङ्गद आदि सुहृदों से मिलना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अनेक प्रकार के बादलों के बीच से गुजरते समय श्वेत वस्त्रधारी वीर हनुमानजी का शरीर कभी दिखाई देता था, कभी अदृश्य; इस प्रकार वे आकाश में बादलों के पीछे छिपकर चमकते हुए चन्द्रमा के समान प्रतीत होते थे।
While passing through various kinds of clouds, the body of the brave Hanumanji, clad in white clothes, was sometimes visible and sometimes invisible; thus, he appeared like the moon, hiding and shining behind the clouds in the sky.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥