Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.57.49-51: तदनन्तर समुद्रलंघन, लंका, रावण और सीता के दर्शन का समाचार सुनकर समस्त श्रेष्ठ वानर इकट्ठे हुए और अंगद, हनुमान् तथा जाम्बवान को चारों ओर से घेरकर पर्वत की बड़ी-बड़ी चट्टानों पर सुखपूर्वक बैठ गए। वे सब-के-सब हाथ जोड़े हुए थे और उनकी दृष्टि हनुमान्जी के मुख पर लगी हुई थी। | ramayan सर्ग 5.57: हनुमान जी का समद्र को लाँघकर जाम्बवान् और अङ्गद आदि सुहृदों से मिलना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तदनन्तर समुद्रलंघन, लंका, रावण और सीता के दर्शन का समाचार सुनकर समस्त श्रेष्ठ वानर इकट्ठे हुए और अंगद, हनुमान् तथा जाम्बवान को चारों ओर से घेरकर पर्वत की बड़ी-बड़ी चट्टानों पर सुखपूर्वक बैठ गए। वे सब-के-सब हाथ जोड़े हुए थे और उनकी दृष्टि हनुमान्जी के मुख पर लगी हुई थी।
Thereafter, all the great monkeys gathered to hear the news of Samudralanghan, Lanka, Ravana and Sita's darshan and surrounded Angad, Hanuman and Jambavan from all sides and sat happily on the big rocks of the mountain. All of them had folded hands and their eyes were fixed on Hanuman ji's face. 49-51॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥