Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 5.57.31: उस समय वे सभी महापुरुष वानर प्रसन्न होकर महात्मा हनुमान्‌जी को चारों ओर से घेरकर खड़े हो गए ॥31॥   |   ramayan सर्ग 5.57: हनुमान जी का समद्र को लाँघकर जाम्बवान् और अङ्गद आदि सुहृदों से मिलना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 57: हनुमान जी का समद्र को लाँघकर जाम्बवान् और अङ्गद आदि सुहृदों से मिलना  »  श्लोक 31
 
 
श्लोक  5.57.31 
ततस्ते प्रीतमनस: सर्वे वानरपुङ्गवा:।
हनूमन्तं महात्मानं परिवार्योपतस्थिरे॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
उस समय वे सभी महापुरुष वानर प्रसन्न होकर महात्मा हनुमान्‌जी को चारों ओर से घेरकर खड़े हो गए ॥31॥
 
At that time all those great monkeys became happy and stood surrounding the great soul Hanuman from all sides. ॥ 31॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)