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पर्वतेन्द्रं सुनाभं च समुपस्पृश्य वीर्यवान्॥ १३॥
ज्यामुक्त इव नाराचो महावेगोऽभ्युपागमत्।
अनुवाद
वहाँ पर्वतराज सुनाभ (मैनाक) को स्पर्श करके वह वीर और वेगशाली वानर योद्धा धनुष से छूटे हुए बाण के समान आगे बढ़ा।
There, having touched the mountain king Sunabha (Mainaka), that valiant and swift monkey warrior proceeded forward like an arrow shot from a bow. 13 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥