श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 56: हनुमान जी का पुनः सीताजी से मिलकर लौटना और समुद्र को लाँघना  »  श्लोक 49
 
 
श्लोक  5.56.49 
स च भूमिधर: श्रीमान् बलिना तेन पीडित:।
सवृक्षशिखरोदग्र: प्रविवेश रसातलम्॥ ४९॥
 
 
अनुवाद
वह महाबली हनुमानजी के पराक्रम से कुचला हुआ, शोभायमान महीधर वृक्षों और ऊँचे शिखरों सहित रसातल में चला गया॥49॥
 
Crushed by the might of the mighty Hanumanji, he went into the abyss along with the glorious Mahidhar trees and high peaks. 49॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)