Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.54.33: वह प्रचंड अग्नि, जिसने समस्त लंकापुरी को अपनी ज्वालाओं में लपेट लिया था, करोड़ों सूर्यों के समान प्रज्वलित हो रही थी। मकानों, पर्वतों आदि के फटने से उत्पन्न होने वाले नाना प्रकार के विस्फोटों की ध्वनि बिजली की गड़गड़ाहट से भी अधिक तीव्र थी। उस समय वह प्रचंड अग्नि ऐसी प्रज्वलित हो रही थी मानो वह ब्रह्माण्ड को चीर रही हो। | ramayan सर्ग 5.54: लङ्कापुरी का दहन और राक्षसों का विलाप । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वह प्रचंड अग्नि, जिसने समस्त लंकापुरी को अपनी ज्वालाओं में लपेट लिया था, करोड़ों सूर्यों के समान प्रज्वलित हो रही थी। मकानों, पर्वतों आदि के फटने से उत्पन्न होने वाले नाना प्रकार के विस्फोटों की ध्वनि बिजली की गड़गड़ाहट से भी अधिक तीव्र थी। उस समय वह प्रचंड अग्नि ऐसी प्रज्वलित हो रही थी मानो वह ब्रह्माण्ड को चीर रही हो।
That huge fire that had engulfed the entire Lankapuri in its flames was blazing like millions of Suns. The sound of various explosions caused by the houses and mountains bursting etc. was even louder than the thunder of lightning. At that time that huge fire was radiating as if it was bursting the universe.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥