Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.54.3: मैंने प्रमदवन नामक वन को उजाड़ दिया है, अनेक महान राक्षसों का वध कर दिया है और रावण की सेना का एक भाग भी नष्ट कर दिया है। अब दुर्ग का विनाश शेष है॥3॥ | ramayan सर्ग 5.54: लङ्कापुरी का दहन और राक्षसों का विलाप । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मैंने प्रमदवन नामक वन को उजाड़ दिया है, अनेक महान राक्षसों का वध कर दिया है और रावण की सेना का एक भाग भी नष्ट कर दिया है। अब दुर्ग का विनाश शेष है॥3॥
I had already devastated the forest of Pramdavan, killed many great demons and also annihilated a part of Ravana's army. Now the destruction of the fort remains.॥ 3॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥