Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.52.22: हे राजन! उसके मर जाने के बाद मुझे कोई दूसरा उड़ने वाला प्राणी नहीं दिखाई देता जो शत्रु के पास से लौटकर समुद्र के इस पार आ सके (ऐसी स्थिति में आप शत्रु की गति को नहीं जान सकेंगे)।॥ 22॥ | ramayan सर्ग 5.52: विभीषण का दूत के वध को अनुचित बताकर उसे दूसरा कोई दण्ड देने के लिये कहना तथा रावण का उनके अनरोध को स्वीकार कर लेना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे राजन! उसके मर जाने के बाद मुझे कोई दूसरा उड़ने वाला प्राणी नहीं दिखाई देता जो शत्रु के पास से लौटकर समुद्र के इस पार आ सके (ऐसी स्थिति में आप शत्रु की गति को नहीं जान सकेंगे)।॥ 22॥
O King! After his death, I do not see any other flying creature that can come back to this side of the ocean from near the enemy (in such a condition you will not be able to know the enemy's movements).॥ 22॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥