Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.52.2: जब दुष्ट बुद्धि वाले रावण ने उनके वध का आदेश दिया, तब विभीषण भी वहाँ उपस्थित थे। उन्होंने आदेश को स्वीकार नहीं किया; क्योंकि हनुमान जी ने स्वयं को सुग्रीव और श्री राम का दूत बताया था॥ 2॥ | ramayan सर्ग 5.52: विभीषण का दूत के वध को अनुचित बताकर उसे दूसरा कोई दण्ड देने के लिये कहना तथा रावण का उनके अनरोध को स्वीकार कर लेना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जब दुष्ट बुद्धि वाले रावण ने उनके वध का आदेश दिया, तब विभीषण भी वहाँ उपस्थित थे। उन्होंने आदेश को स्वीकार नहीं किया; क्योंकि हनुमान जी ने स्वयं को सुग्रीव और श्री राम का दूत बताया था॥ 2॥
When the evil-minded Ravana ordered his killing, Vibhishan was also present there. He did not approve of the order; because Hanuman ji had declared himself to be the messenger of Sugreeva and Shri Ram.॥ 2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥