Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.51.15-16: मेरा नाम हनुमान है। मैं वायुदेवता का पुत्र हूँ। मैं सीता को ढूँढ़ने और आपसे मिलने के लिए सौ योजन चौड़े समुद्र को पार करके तीव्र गति से यहाँ आया हूँ। घूमते-घूमते मैंने आपके अंतःकक्ष में जनकनंदिनी सीता के दर्शन किए हैं॥ 15-16॥ | ramayan सर्ग 5.51: हनुमान जी का श्रीराम के प्रभाव का वर्णन करते हुए रावण को समझाना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मेरा नाम हनुमान है। मैं वायुदेवता का पुत्र हूँ। मैं सीता को ढूँढ़ने और आपसे मिलने के लिए सौ योजन चौड़े समुद्र को पार करके तीव्र गति से यहाँ आया हूँ। घूमते-घूमते मैंने आपके अंतःकक्ष में जनकनंदिनी सीता के दर्शन किए हैं॥ 15-16॥
My name is Hanuman. I am the son of Vayu Devta. I have come here at a fast speed crossing the sea which is hundred yojanas wide to find Sita and to meet you. While roaming around I have seen Janakanandini Sita in your inner chamber.॥ 15-16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥