Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 5.51.1: महाबली दसमुख वाले रावण की ओर देखकर महाबली वानरमुख हनुमानजी ने शांत भाव से यह अर्थपूर्ण बात कही-1॥   |   ramayan सर्ग 5.51: हनुमान जी का श्रीराम के प्रभाव का वर्णन करते हुए रावण को समझाना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 51: हनुमान जी का श्रीराम के प्रभाव का वर्णन करते हुए रावण को समझाना  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  5.51.1 
तं समीक्ष्य महासत्त्वं सत्त्ववान् हरिसत्तम:।
वाक्यमर्थवदव्यग्रस्तमुवाच दशाननम्॥ १॥
 
 
अनुवाद
महाबली दसमुख वाले रावण की ओर देखकर महाबली वानरमुख हनुमानजी ने शांत भाव से यह अर्थपूर्ण बात कही-1॥
 
Looking towards the mighty ten-faced Ravana, the mighty monkey-headed Hanuman calmly said this meaningful thing – 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)