श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 50: रावण का प्रहस्त के द्वारा हनुमान जी से लङ्का में आने का कारण पुछवाना और हनुमान् का अपने को श्रीराम का दूत बताना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  5.50.9 
यदि वैश्रवणस्य त्वं यमस्य वरुणस्य च।
चारुरूपमिदं कृत्वा प्रविष्टो न: पुरीमिमाम्॥ ९॥
 
 
अनुवाद
‘अथवा यदि आप कुबेर, यम या वरुण के दूत हैं और यह सुन्दर रूप धारण करके हमारे नगर में आये हैं, तो यह भी मुझे बताइये।॥9॥
 
‘Or if you are the messenger of Kubera, Yama or Varuna and have taken this beautiful form and entered our city, then tell me this also.॥ 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)