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स राजा रोषताम्राक्ष: प्रहस्तं मन्त्रिसत्तमम्।
कालयुक्तमुवाचेदं वचो विपुलमर्थवत्॥ ४॥
अनुवाद
इस प्रकार तर्क करते हुए क्रोध से लाल नेत्रों वाले राजा रावण ने मन्त्रीवर प्रहस्त से समयानुसार गम्भीर एवं अर्थपूर्ण बात कही-॥4॥
While arguing in this way, King Ravana, with his eyes red with anger, said something serious and meaningful as per the time to Mantrivar Prahastha -॥ 4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥