श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 50: रावण का प्रहस्त के द्वारा हनुमान जी से लङ्का में आने का कारण पुछवाना और हनुमान् का अपने को श्रीराम का दूत बताना  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  5.50.11 
तत्त्वत: कथयस्वाद्य ततो वानर मोक्ष्यसे।
अनृतं वदतश्चापि दुर्लभं तव जीवितम्॥ ११॥
 
 
अनुवाद
बंदर! अभी सच बता दे, तो छूट जाएगा। झूठ बोला, तो बचना नामुमकिन हो जाएगा। 11.
 
Monkey! Tell me the truth now, then you will be let free. If you lie, then your survival will become impossible. 11.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)