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श्लोक  5.49.9 
महति स्फाटिके चित्रे रत्नसंयोगचित्रिते।
उत्तमास्तरणास्तीर्णे सूपविष्टं वरासने॥ ९॥
 
 
अनुवाद
वह क्रिस्टल से बने एक विशाल और सुंदर सिंहासन पर बैठा था, जो विभिन्न प्रकार के कीमती पत्थरों से रंगा हुआ था और अजीब और सुंदर बिस्तर से ढका हुआ था।
 
He was seated on a huge and beautiful throne made of crystal, which was painted with various kinds of precious stones and covered with strange and beautiful bedding.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)