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ramayan 5.49.7: उनका शरीर काले कोयले के समान काला था और वक्षस्थल पर चमकता हुआ हार था। उनका मुखमण्डल, जो पूर्ण चन्द्रमा के समान सुन्दर था, प्रातःकालीन सूर्य के साथ मेघ के समान प्रतीत हो रहा था।   |   ramayan सर्ग 5.49: रावण के प्रभावशाली स्वरूप को देखकर हनुमान जी के मन में अनेक प्रकार के विचारों का उठना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.49.7 
नीलाञ्जनचयप्रख्यं हारेणोरसि राजता।
पूर्णचन्द्राभवक्त्रेण सबालार्कमिवाम्बुदम्॥ ७॥
 
 
अनुवाद
उनका शरीर काले कोयले के समान काला था और वक्षस्थल पर चमकता हुआ हार था। उनका मुखमण्डल, जो पूर्ण चन्द्रमा के समान सुन्दर था, प्रातःकालीन सूर्य के साथ मेघ के समान प्रतीत हो रहा था।
 
His body was black like a heap of black coal and his chest was adorned with a shining necklace. His face, which was as beautiful as the full moon, looked like a cloud with the morning sun. 7.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)