Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.49.11-12: मन्त्र के तत्त्व को जानने वाले दुर्धर, प्रहस्त, महापार्श्व और निकुम्भ ये चार राक्षस मंत्री उसके पास बैठे थे। उन चारों राक्षसों से घिरा हुआ अभिमानी रावण चार समुद्रों से घिरी हुई सम्पूर्ण पृथ्वी के समान शोभा पा रहा था। 11-12॥ | ramayan सर्ग 5.49: रावण के प्रभावशाली स्वरूप को देखकर हनुमान जी के मन में अनेक प्रकार के विचारों का उठना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मन्त्र के तत्त्व को जानने वाले दुर्धर, प्रहस्त, महापार्श्व और निकुम्भ ये चार राक्षस मंत्री उसके पास बैठे थे। उन चारों राक्षसों से घिरा हुआ अभिमानी रावण चार समुद्रों से घिरी हुई सम्पूर्ण पृथ्वी के समान शोभा पा रहा था। 11-12॥
Durdhar, Prahasta, Mahaparshva and Nikumbh, who knew the essence of mantra, these four Rakshasa ministers were sitting near him. Surrounded by those four demons, the proud Ravana was looking as beautiful as the entire earth surrounded by four oceans. 11-12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥