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श्लोक  5.49.10 
अलंकृताभिरत्यर्थं प्रमदाभि: समन्तत:।
वालव्यजनहस्ताभिरारात्समुपसेवितम्॥ १०॥
 
 
अनुवाद
अनेक युवतियां, सुन्दर वस्त्र पहने और आभूषणों से सुसज्जित, उनके चारों ओर खड़ी थीं, हाथों में पंखे लिए और उनकी सेवा कर रही थीं।
 
Many young women, well-dressed and adorned with ornaments, stood around him on all sides, holding fans in their hands and serving him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)