Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.49.1: इन्द्रजीत के धर्ममय कार्य से चकित होकर और रावण के सीताहरण आदि कर्मों से क्रुद्ध होकर महापराक्रमी हनुमान जी क्रोध से लाल नेत्रों से राक्षसराज रावण की ओर देखने लगे॥1॥ | ramayan सर्ग 5.49: रावण के प्रभावशाली स्वरूप को देखकर हनुमान जी के मन में अनेक प्रकार के विचारों का उठना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत: स कर्मणा तस्य विस्मितो भीमविक्रम:।
हनूमान् क्रोधताम्राक्षो रक्षोऽधिपमवैक्षत॥ १॥
अनुवाद
इन्द्रजीत के धर्ममय कार्य से चकित होकर और रावण के सीताहरण आदि कर्मों से क्रुद्ध होकर महापराक्रमी हनुमान जी क्रोध से लाल नेत्रों से राक्षसराज रावण की ओर देखने लगे॥1॥
Amazed by the righteous action of Indrajit and enraged by Ravana's actions like kidnapping of Sita, the fiercely valiant Hanuman ji looked towards the demon king Ravana with his eyes red with anger. 1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥