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स रोषसंवर्तितताम्रदृष्टि-
र्दशाननस्तं कपिमन्ववेक्ष्य।
अथोपविष्टान् कुलशीलवृद्धान्
समादिशत् तं प्रति मुख्यमन्त्रीन्॥ ६०॥
अनुवाद
हनुमान जी को देखते ही दस मुख वाले रावण की आंखें क्रोध से लाल हो गईं और उसने वहां बैठे हुए कुलीनों, शिष्ट लोगों और मुख्यमंत्रियों को आदेश दिया कि वे हनुमान जी से उनका परिचय पूछें।
On seeing Hanuman ji, the eyes of the ten-faced Ravana became restless and red with anger. He ordered the nobles, well behaved people and chief ministers sitting there to ask him about his identity. 60.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥