Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.48.55: उसे देखकर वीर राक्षस आपस में कहने लगे, 'यह कौन है? किसका पुत्र या सेवक है? यह कहाँ से आया है? इसका यहाँ क्या काम है? और कौन इसकी सहायता कर रहा है?॥ 55॥ | ramayan सर्ग 5.48: इन्द्रजित और हनुमान जी का युद्ध, उसके दिव्यास्त्र के बन्धन में बँधकर हनुमान् जी का रावण के दरबार में उपस्थित होना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उसे देखकर वीर राक्षस आपस में कहने लगे, 'यह कौन है? किसका पुत्र या सेवक है? यह कहाँ से आया है? इसका यहाँ क्या काम है? और कौन इसकी सहायता कर रहा है?॥ 55॥
On seeing him the brave demons began to say amongst themselves, 'Who is this? Whose son or servant is he? Where has he come from? What is his work here? And who is helping him?॥ 55॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥