Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.48.44: मैं राक्षसों द्वारा पकड़े जाने में भी बड़ा लाभ देखता हूँ; क्योंकि इससे मुझे राक्षसराज रावण से बात करने का अवसर मिलेगा। अतः शत्रु मुझे पकड़कर ले जाएँ॥ 44॥ | ramayan सर्ग 5.48: इन्द्रजित और हनुमान जी का युद्ध, उसके दिव्यास्त्र के बन्धन में बँधकर हनुमान् जी का रावण के दरबार में उपस्थित होना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मैं राक्षसों द्वारा पकड़े जाने में भी बड़ा लाभ देखता हूँ; क्योंकि इससे मुझे राक्षसराज रावण से बात करने का अवसर मिलेगा। अतः शत्रु मुझे पकड़कर ले जाएँ॥ 44॥
‘I see great benefit in even being captured by the demons; because this will give me an opportunity to talk to the demon king Ravana. Therefore, the enemy should capture me and take me away.’॥ 44॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥