Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 5.48.10: हे शस्त्रधारियों में श्रेष्ठ योद्धा! तुम्हारे सभी शत्रु शांत हो गए हैं। तुम्हें अपनी और दूसरों की सेना का विचार करके ऐसा प्रयत्न करना चाहिए कि युद्धभूमि के निकट पहुँचते ही मेरी सेना का विनाश रुक जाए। 10॥ | ramayan सर्ग 5.48: इन्द्रजित और हनुमान जी का युद्ध, उसके दिव्यास्त्र के बन्धन में बँधकर हनुमान् जी का रावण के दरबार में उपस्थित होना । ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
बलावमर्दस्त्वयि संनिकृष्टे
यथा गते शाम्यति शान्तशत्रौ।
तथा समीक्ष्यात्मबलं परं च
समारभस्वास्त्रभृतां वरिष्ठ॥ १०॥
अनुवाद
हे शस्त्रधारियों में श्रेष्ठ योद्धा! तुम्हारे सभी शत्रु शांत हो गए हैं। तुम्हें अपनी और दूसरों की सेना का विचार करके ऐसा प्रयत्न करना चाहिए कि युद्धभूमि के निकट पहुँचते ही मेरी सेना का विनाश रुक जाए। 10॥
The best warrior among the armed men! All your enemies have calmed down. You should consider your own forces and those of others and make efforts so that the destruction of my army stops as soon as you reach near the battlefield. 10॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥