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ते कपिं तं समासाद्य तोरणस्थमवस्थितम्।
अभिपेतुर्महावेगा: पतंगा इव पावकम्॥ २७॥
अनुवाद
वन के द्वार पर खड़े वीर वानरों के पास पहुँचकर उन अत्यंत वेगवान रात्रिचर जीवों ने उन पर चारों ओर से आक्रमण कर दिया, मानो पतंगे अग्नि पर आक्रमण कर रहे हों।
Reaching the brave monkeys standing at the gate of the forest, those extremely swift night creatures attacked them from all sides, as if moths were attacking a fire.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥