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ramayan 5.42.26: उनके दाँत बड़े-बड़े थे, पेट बड़े-बड़े थे और रूप भयानक था। वे सब-के-सब बड़े बलवान, युद्ध के इच्छुक और हनुमानजी को पकड़ने के लिए आतुर थे॥ 26॥   |   ramayan सर्ग 5.42: राक्षसियों के मुख से एक वानर के द्वारा प्रमदावन के विध्वंस का समाचार सुनकर रावण का किंकर नामक राक्षसों को भेजना और हनुमान जी के द्वारा उन सबका संहार   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 42: राक्षसियों के मुख से एक वानर के द्वारा प्रमदावन के विध्वंस का समाचार सुनकर रावण का किंकर नामक राक्षसों को भेजना और हनुमान जी के द्वारा उन सबका संहार  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  5.42.26 
महोदरा महादंष्ट्रा घोररूपा महाबला:।
युद्धाभिमनस: सर्वे हनूमद्‍ग्रहणोन्मुखा:॥ २६॥
 
 
अनुवाद
उनके दाँत बड़े-बड़े थे, पेट बड़े-बड़े थे और रूप भयानक था। वे सब-के-सब बड़े बलवान, युद्ध के इच्छुक और हनुमानजी को पकड़ने के लिए आतुर थे॥ 26॥
 
Their teeth were huge, their bellies were large and their appearance was terrifying. All of them were very powerful, desirous of war and were eager to capture Hanuman.॥ 26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)