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ramayan 5.41.12: ‘तब राक्षसराज हाथी, घोड़े और विशाल रथों से युक्त तथा त्रिशूल, कालय और पट्टिश आदि अस्त्र-शस्त्रों से सुसज्जित विशाल सेना लेकर आएंगे। तब यहां महान युद्ध आरम्भ होगा।’॥12॥   |   ramayan सर्ग 5.41: हनुमान जी के द्वारा प्रमदावन (अशोक वाटिका)- का विध्वंस   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 5: सुन्दर काण्ड  »  सर्ग 41: हनुमान जी के द्वारा प्रमदावन (अशोक वाटिका)- का विध्वंस  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  5.41.12 
ततो महत्साश्वमहारथद्विपं
बलं समानेष्यति राक्षसाधिप:।
त्रिशूलकालायसपट्टिशायुधं
ततो महद्युद्धमिदं भविष्यति॥ १२॥
 
 
अनुवाद
‘तब राक्षसराज हाथी, घोड़े और विशाल रथों से युक्त तथा त्रिशूल, कालय और पट्टिश आदि अस्त्र-शस्त्रों से सुसज्जित विशाल सेना लेकर आएंगे। तब यहां महान युद्ध आरम्भ होगा।’॥12॥
 
‘Then the demon king will come with a huge army consisting of elephants, horses and huge chariots and equipped with weapons like trident, Kalayas and Pattisha etc. Then a great battle will start here.’॥ 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)