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श्लोक  5.41.11 
इदं विध्वंसयिष्यामि शुष्कं वनमिवानल:।
अस्मिन् भग्ने तत: कोपं करिष्यति स रावण:॥ ११॥
 
 
अनुवाद
जैसे आग सूखे जंगल को जला देती है, वैसे ही मैं आज इस बगीचे को नष्ट कर दूँगा। जब यह नष्ट हो जाएगा, तो रावण मुझ पर अवश्य क्रोधित होगा।
 
Just like fire burns a dry forest, similarly I will destroy this garden today. When it is destroyed, Raavan will surely get angry with me.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)