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ramayan 5.40.9: असहनीय कष्ट, हृदय विदारक शब्द और राक्षसों के साथ रहना - यह सब मैं केवल आपके लिए ही सहन कर रहा हूँ।   |   ramayan सर्ग 5.40: सीता का श्रीराम से कहने के लिये पुनः संदेश देना तथा हनुमान जी का उन्हें आश्वासन दे उत्तर-दिशा की ओर जाना   ।   ramayan काण्ड 5: सुन्दर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.40.9 
असह्यानि च दु:खानि वाचश्च हृदयच्छिद:।
राक्षसै: सह संवासं त्वत्कृते मर्षयाम्यहम्॥ ९॥
 
 
अनुवाद
असहनीय कष्ट, हृदय विदारक शब्द और राक्षसों के साथ रहना - यह सब मैं केवल आपके लिए ही सहन कर रहा हूँ।
 
Unbearable suffering, heart-rending words and living with demons - I am enduring all this only for your sake.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)