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एष निर्यातित: श्रीमान् मया ते वारिसम्भव:।
अत: परं न शक्ष्यामि जीवितुं शोकलालसा॥ ८॥
अनुवाद
आज मैं समुद्र के जल से उत्पन्न यह चमकीला रत्न तुम्हें लौटा रहा हूँ। अब मैं शोक के कारण अधिक समय तक जीवित नहीं रह सकूँगा ॥8॥
Today I am returning to you this lustrous gemstone which was produced from the waters of the sea. Now I will not be able to live for long due to grief. ॥ 8॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥